
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बाढ़ और जलभराव की संभावित स्थिति को देखते हुए व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों में गोवंश सहित सभी पशुओं के लिए भूसा और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गो-आश्रय स्थलों का चिन्हांकन कर वर्षा ऋतु में पशुओं की सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।
मंत्री ने पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान को तय लक्ष्य के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सभी जिलों में टीकाकरण अभियान की नियमित निगरानी की जाए, ताकि पशुधन सुरक्षित रहे।
धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 20 जुलाई से 3 अगस्त तक चलने वाले विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र किसानों और पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए तथा गोवंश सुपुर्दगी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो। लाभार्थियों के चयन में महिलाओं और गरीब परिवारों को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुपुर्द किए गए गोवंशों का नियमित सत्यापन किया जाए, उनके स्वास्थ्य और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गो-आश्रय पोर्टल पर समय से प्रविष्टि कर लाभार्थियों को भरण-पोषण की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन और पशुधन बीमा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत बनाने, अधिक दुग्ध उत्पादकों को सहकारिता से जोड़ने, दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और कोल्ड चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता व खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने भी अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित जिलों में पशु चिकित्सा सेवाओं, हरे चारे, एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध समितियों के गठन जैसे प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि पशुधन की सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।






