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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश में किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई और कृषि यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक आपूर्ति चुनौतियों और सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश के बावजूद राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को समय पर सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए लगभग 107 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक करीब 95 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, सिंचाई विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों के समन्वित प्रयासों से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई।

मंत्री के अनुसार, किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 1.73 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 6.13 लाख किसानों को दलहन, तिलहन, बाजरा और सावा जैसी फसलों के 16,449 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1.23 लाख क्विंटल से अधिक बीज भी अनुदान पर उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है।

कम वर्षा वाले क्षेत्रों के किसानों को राहत देने के लिए तोरिया बीज मिनीकिट योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत 1,000 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 600 क्विंटल निःशुल्क और 400 क्विंटल अनुदान पर वितरित होगा। पात्र किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। सरकार फार्म मशीन बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इस वर्ष 25,900 कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अब तक 41 हजार से अधिक किसान ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं।

उर्वरकों की उपलब्धता पर मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश को 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ। इनमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 28.82 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है। उपलब्ध स्टॉक में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी की पर्याप्त मात्रा शामिल है। उन्होंने किसानों से घबराने की बजाय जरूरत के अनुसार उर्वरक लेने की अपील की।

सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पहले जहां करीब 1,500 समितियां खाद वितरण करती थीं, वहीं अब लगभग 7,000 साधन सहकारी समितियों के जरिए किसानों तक उर्वरक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद केंद्र सरकार ने समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की। पिछले एक सप्ताह में प्रतिदिन 50 हजार से 65 हजार मीट्रिक टन तक यूरिया का वितरण हुआ और सभी बिक्री पीओएस मशीनों के माध्यम से दर्ज की गई।

प्रेस वार्ता के अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद, बीज, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और सहकारी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है। उनका दावा है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों तक उर्वरकों की उपलब्धता पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और व्यापक हुई है।

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