
लखनऊ, 4 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से दुग्धशाला विकास विभाग अपने स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर 5 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक दिवसीय जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन करेगा। दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पशुपालन प्रबंधन से जोड़ना है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि डेयरी क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो, पशुपालकों की आय बढ़े तथा वैज्ञानिक एवं आधुनिक डेयरी प्रबंधन को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके। इसी उद्देश्य से यह कॉन्क्लेव प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है।
पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम तथा दुग्ध आयुक्त के. धनलक्ष्मी के निर्देशों के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य प्रसारण मुख्यालय से वेब लिंक के माध्यम से किया जाएगा। सभी जनपदों में विकास भवन सभागार में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता संबंधित मुख्य विकास अधिकारी करेंगे, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधि इसका शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, दुग्ध संघों के प्रतिनिधि, दुग्ध उत्पादक किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह, दुग्ध समितियां और कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक मुख्यालय से लाइव प्रसारण के दौरान डेयरी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें नंद बाबा दुग्ध मिशन, दुग्ध नीति-2022, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, औपचारिक दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्तापूर्ण चारा प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, संक्रामक रोगों की पहचान, रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण, टीकाकरण तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
कार्यक्रम में दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्रों एवं कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक और विषय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। वे पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत नस्लों के संरक्षण, संतुलित पशु आहार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन तथा डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाने के व्यावहारिक सुझाव देंगे।
कॉन्क्लेव के दौरान सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को मौके पर ही चयन एवं अनुमति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना तथा नंदिनी कृषक समृद्धि योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के विस्तार, उच्च गुणवत्ता वाली दुग्ध उत्पादन व्यवस्था विकसित करने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी जिलों में जिला प्रशासन, दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के बीच व्यापक समन्वय स्थापित किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
दुग्धशाला विकास विभाग ने प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों, दुग्ध समितियों तथा डेयरी व्यवसाय से जुड़े नागरिकों से अपील की है कि वे 5 अगस्त को आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। विभाग का मानना है कि यह आयोजन न केवल किसानों को नई तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने का भी अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाते हुए किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।






