
लखनऊ, 5 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार पिछले नौ वर्षों से प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट को इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, ताकि प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक वर्ग को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
विधान भवन परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों, सामाजिक सुरक्षा से जुड़े वर्गों और आधारभूत संरचना के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। विधान परिषद से बजट पारित होने के बाद इसे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के साथ-साथ प्रदेश की आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार, सड़क संपर्क को बेहतर बनाने तथा जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। उनका कहना था कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को गति देगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने समाज के उन वर्गों का भी विशेष ध्यान रखा है, जो सीधे जनता की सेवा से जुड़े हैं। इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और कोटेदारों का मानदेय बढ़ाने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी कर्मी प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार निराश्रित महिलाओं, वृद्धजन और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली पेंशन राशि में वृद्धि के लिए भी गंभीरता से प्रयास कर रही है, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को अधिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।
आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया है। इसके माध्यम से प्रत्येक आउटसोर्स कर्मी को न्यूनतम मानदेय, समय पर भुगतान तथा सामाजिक सुरक्षा की गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इसे कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया।
शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय पहले मात्र ₹3,000 था, जिसे बढ़ाकर पहले ₹10,000 और बाद में ₹18,000 किया गया। इसके साथ ही उन्हें ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 किया गया तथा उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान के लिए भी अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास, संत ज्योतिबा फुले, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और छत्रपति शाहू जी महाराज सहित अन्य महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर छाजन, सुरक्षित पार्कों के निर्माण और बाउंड्री वॉल के लिए ₹407 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय के महान पुरोधाओं को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह अनुपूरक बजट केवल अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, किसानों के कल्याण और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाला विकास दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बजट का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ता रहे।






