
लखनऊ, 31 अगस्त। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपी शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। मृत आरोपियों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
यूपी पुलिस मुख्यालय में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदेश की सीमा के बाहर, जेलों या विदेशों से बैठकर साजिश रचने और शूटर भेजने वाले अपराधियों को भी कानून के शिकंजे से बचने की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के मुताबिक शामली कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
इस कार्रवाई में दोनों संदिग्ध गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान आरोपियों की फायरिंग में शामली SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी घायल हुए हैं। दोनों का शामली जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार मृत आरोपी मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जबकि सुमित के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज था। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
डीजीपी ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का उत्साह बढ़ाते हुए 2 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और उनके पीछे की साजिशों के खिलाफ यूपी पुलिस की कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
26 अगस्त को हुई थी अंकित बालियान की हत्या
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान, शामली के बनतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे। 26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे शामली कोतवाली क्षेत्र के नालापिरी स्थित फिटनेस जिम से निकलने के बाद वह अपनी गाड़ी में बैग रख रहे थे।
इसी दौरान चार अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी। घटना के बाद अंकित के पिता की तहरीर पर शामली कोतवाली में चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्याकांड के जल्द खुलासे को प्राथमिकता दी।
11 अधिकारियों की विशेष टीम ने शुरू की जांच
हत्याकांड की जांच के लिए एडीजी कानून-व्यवस्था और एडीजी मेरठ जोन के स्तर से 11 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। टीम में चार आईपीएस अधिकारी भी शामिल रहे।
जांच के दौरान पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद ली। CCTV फुटेज, डिजिटल गतिविधियों, संदिग्धों की आवाजाही, उनके ठहरने के स्थान, भुगतान और आपसी संपर्क से जुड़े तथ्यों को जोड़ा गया।
इसी जांच के आधार पर पुलिस ने मोहित और सुमित की पहचान हत्याकांड में शामिल बताए गए शूटरों के रूप में की।
गोगी गैंग से जुड़ी साजिश के संकेत
पुलिस जांच में गोगी गैंग से जुड़े आपराधिक षड्यंत्र के संकेत भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट से अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने से संबंधित पोस्ट सामने आया था।
पुलिस ने इस सोशल मीडिया पोस्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने के लिए जांच अभी जारी है।
एक गाने से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ नाम के एक गाने में अभिनय किया था। इस गाने को YouTube पर करीब 5.4 करोड़ व्यूज मिलने की बात पुलिस ने बताई है।
पुलिस के मुताबिक अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55 हजार रुपये में खरीदा था और बाद में इसे वत्स कंपनी को 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था।
जांच के मुताबिक गोगी गैंग ने इस गाने को गैंग से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम से जोड़कर इसे अपने अपमान के रूप में लिया। इसी वजह से वर्ष 2022-23 में अंकित को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
धमकी के बाद अंकित ने कथित तौर पर गोगी गैंग को सफाई दी थी कि गाने में उन्होंने केवल अभिनय किया है और गाना तथा उसकी धुन उनकी नहीं है। पुलिस के मुताबिक इसके बावजूद उन पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने विरोधी टिल्लू ताजपुरिया के साथ मिलकर गाना रिलीज किया था।
गोगी-टिल्लू गैंगवार का भी कनेक्शन
पुलिस ने अंकित हत्याकांड की पृष्ठभूमि में गोगी-टिल्लू गैंगवार के पुराने विवाद को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया है।
पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। इसके बाद गोगी गैंग की ओर से बदले की तैयारी की गई।
करीब डेढ़ साल बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी।
इसी पुरानी गैंगवार और गाने से जुड़े विवाद को अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण एंगल के तौर पर देखा जा रहा है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे अन्य शूटरों, शरणदाताओं और साजिश में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराध और गैंगवार को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सीमा के बाहर या विदेश में बैठकर साजिश रचने वाले अपराधी भी कानून की पहुंच से बाहर नहीं हैं।






