September 24, 2026

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मोहम्मदपुर मनौरी में हुए हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

मुख्य आरोपी के गोदाम पर चला बुलडोजर

प्रशासन ने मामले में नामजद मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल के गोदाम को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध गतिविधियों से जुड़े अन्य ठिकानों की भी जांच की जा रही है। दोषियों की संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।

5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

हादसे के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। लापरवाही और अवैध फैक्ट्री संचालन की सूचना पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में पिपरी थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया।

धमाके से आसपास के मकानों को भी नुकसान

सोमवार को फैक्ट्री में हुए विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कुछ मकान भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और प्रभावित लोगों की मदद शुरू की।

पीएम और सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।

करीब 20 साल से चल रही थी फैक्ट्री

जांच में सामने आया है कि संबंधित पटाखा फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी। आरोप है कि यहां पटाखों के साथ विस्फोटक सामग्री भी तैयार और संग्रहित की जाती थी। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक आदिल वर्ष 2024 में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के मामले में जेल भी जा चुका था।

पुलिस ने मामले में फैक्ट्री संचालक आदिल समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन अब फैक्ट्री के संचालन, लाइसेंस, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और स्थानीय स्तर पर हुई संभावित लापरवाही समेत सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।

डीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने लंबे समय से कथित रूप से चल रही इस गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

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