
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सियासत तेज, FIR और जांच को लेकर बढ़ा घमासान
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा और कथित जमीन घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की कार्रवाई के बीच अब एफआईआर दर्ज किए जाने की तैयारी की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है।
इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल लखनऊ पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अब तक निष्पक्ष कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं, सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में अधिकारियों को कई दस्तावेज और कथित सबूत सौंपते हुए चढ़ावा और जमीन से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की मांग की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे, हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करेंगे और संतों से मुलाकात के बाद अपनी बात जनता के सामने रखेंगे। 26 जून को अयोध्या में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बिना एसआईटी की जांच प्रभावी नहीं मानी जा सकती। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जांच प्रक्रिया और उसके उद्देश्य पर सवाल खड़े किए।
इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मामले में अपनी मांगें सामने रखी हैं। संगठन ने एफआईआर दर्ज करने, जांच में तेजी लाने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। संगठन की केंद्रीय प्रबंधन समिति की प्रस्तावित बैठक भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि चोरी के आरोप हैं तो कानून के अनुसार एफआईआर और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अब सबकी नजर एसआईटी की अगली रिपोर्ट और संभावित एफआईआर पर टिकी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ कर सकती है।






