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लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने संबंधित भवन के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। एलडीए ने सेक्टर-डी स्थित एमएस-102 व्यावसायिक भवन को अवैध निर्माण मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

एलडीए के अनुसार, विहित प्राधिकारी न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद भवन को अवैध घोषित किया। इसके बाद जोन-4 की प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची और भवन पर ध्वस्तीकरण आदेश चस्पा कर दिया। भवन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है।

प्राधिकरण का कहना है कि भवन स्वामियों को पहले भी नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख और वैध स्वीकृतियां प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। हालांकि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिसके बाद ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया।

एलडीए ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर भवन नहीं हटाया गया, तो प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च संबंधित भवन मालिकों से वसूला जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, अलीगंज अग्निकांड के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और अवैध निर्माणों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम हो सके।

एलडीए ने नागरिकों से भी अपील की है कि भवन निर्माण से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और तय मानकों का पालन करें। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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