
लखनऊ, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और अग्निशमन सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय विंध्य क्षेत्र के लिए नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का रहा, वहीं छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को भी हरी झंडी दे दी गई।
विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी
कैबिनेट ने 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह परियोजना प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जनपदों को जोड़ेगी। साथ ही गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली के लगभग 117 किलोमीटर क्षेत्र को भी इससे कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्रयागराज में जहां गंगा एक्सप्रेसवे समाप्त होगा, वहीं से विंध्य एक्सप्रेसवे की शुरुआत होगी। परियोजना को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 18,514 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि भूमि अधिग्रहण पर 4,613 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना की कुल संभावित लागत लगभग 26,315 करोड़ रुपये होगी। सरकार का मानना है कि इससे विंध्य क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को हरी झंडी
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली प्रत्येक संस्थान की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
यह योजना सभी सरकारी, राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, संबद्ध तथा स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों पर लागू होगी। योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी। सरकार स्कूटी का रजिस्ट्रेशन शुल्क, वाहन बीमा और वितरण के समय 5 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। सभी स्कूटियों की खरीद GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
इसके अलावा दिव्यांगजन, निराश्रित एवं शहीद परिवारों की छात्राओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। इन श्रेणियों के लिए मेरिट की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।
भारतीय ज्ञान परंपरा के लिए शोधपीठ स्थापित होगी
नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा में बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शोधपीठ (Research Chair) स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
इसके तहत पात्र विश्वविद्यालयों को एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखी जाएगी और उससे मिलने वाले ब्याज से शोधपीठ का संचालन किया जाएगा। 50 वर्ष पूरे कर चुके तथा 5 हजार से अधिक छात्र संख्या वाले महाविद्यालय भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
वाराणसी में बनेगा नया महिला छात्रावास
कैबिनेट ने वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में नए महिला छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी। वर्तमान में यहां केवल एक छात्रावास संचालित है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 248.30 लाख रुपये की लागत से 112 छात्राओं की क्षमता वाला नया छात्रावास बनाया जाएगा।
आउटसोर्सिंग सेवा निगम को मिलेगी वित्तीय सहायता
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह राशि शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी वापसी पांच वर्ष बाद शुरू होगी और अगले दस वर्षों तक प्रति वर्ष दो करोड़ रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।
रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी 220 नई बसें
यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 220 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इनमें 50 सीट क्षमता वाली इलेक्ट्रिक बसें और 42 सीट क्षमता वाली अन्य बसें शामिल होंगी। इस योजना के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
अग्निशमन विभाग होगा और मजबूत
कैबिनेट ने अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को आधुनिक बनाने के लिए भी प्रस्ताव स्वीकृत किया। इसके तहत नए वाटर टेंडर और फोम टेंडर खरीदे जाएंगे तथा पुराने वाहनों के स्थान पर आधुनिक अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में विभाग की क्षमता और प्रतिक्रिया समय में सुधार होने की उम्मीद है।
विधानसभा सत्र तीन अगस्त से
कैबिनेट बैठक में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र तीन अगस्त से बुलाने का भी निर्णय लिया गया। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास, महिला शिक्षा, उच्च शिक्षा में सुधार, सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






