September 24, 2026
लखनऊ: 8 और 9 अगस्त को KGMU में होगा PH Summit 2026, पल्मोनरी हाइपरटेंशन पर जुटेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ

लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 8 और 9 अगस्त को PH Summit 2026 का आयोजन किया जाएगा। शताब्दी चिकित्सालय फेज-2 के ऑडिटोरियम में आयोजित इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित अमेरिका और आयरलैंड के विशेषज्ञ पल्मोनरी हाइपरटेंशन (PH) के निदान, उपचार और नवीनतम शोध पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य इस गंभीर बीमारी की समय पर पहचान और आधुनिक उपचार पद्धतियों को मरीजों तक पहुंचाना है।

विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन एक गंभीर बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में दबाव बढ़ जाता है। इसके शुरुआती लक्षण सामान्य सांस फूलने और थकान जैसे होने के कारण अक्सर मरीज बीमारी को नजरअंदाज कर देते हैं। परिणामस्वरूप अधिकांश मामलों में बीमारी का पता तब चलता है जब यह गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। ऐसे मरीजों में हार्ट या लंग ट्रांसप्लांट ही अंतिम विकल्प बचता है।

विशेषज्ञों के अनुसार पल्मोनरी हाइपरटेंशन के मरीजों में 70 से 80 प्रतिशत मामलों का पता बीमारी की गंभीर अवस्था (WHO Class III या IV) में चलता है। लक्षण शुरू होने और बीमारी की पहचान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष की देरी होती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो मरीजों की औसत जीवित रहने की अवधि तीन वर्ष से भी कम रह सकती है। वहीं बीमारी की जल्द पहचान और आधुनिक दवाओं से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में काफी सुधार संभव है।

सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के सभी प्रमुख कारणों, जोखिम कारकों, नई दवाओं, एडवांस डायग्नोस्टिक तकनीकों और सर्जिकल उपचार पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि सांस फूलना, सीने में दर्द, थकान, चक्कर आना, पैरों में सूजन और होंठों का नीला पड़ना जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच के लिए इकोकार्डियोग्राफी, सीटी स्कैन, लंग फंक्शन टेस्ट और राइट हार्ट कैथेटराइजेशन जैसी जांचों की भूमिका भी बताई जाएगी।

सम्मेलन में अमेरिका के डॉ. संदीप सहाय और आयरलैंड के डॉ. सैयद रेहान क्वादेरी सहित देश के कई प्रतिष्ठित पल्मोनरी, कार्डियोलॉजी और रेस्पिरेटरी विशेषज्ञ भाग लेंगे। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक होंगे। सम्मेलन में नई रिसर्च, क्लीनिकल अनुभव और आधुनिक उपचार रणनीतियों को साझा किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर और साक्ष्य आधारित इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

KGMU का पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग पल्मोनरी हाइपरटेंशन के मरीजों की व्यापक जांच और उपचार के लिए विशेष सेवाएं प्रदान करता है। विभाग में पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट, इकोकार्डियोग्राफी, एडवांस इमेजिंग, मल्टीडिसिप्लिनरी विशेषज्ञों की टीम और गंभीर मरीजों के लिए विशेष क्रिटिकल केयर सुविधा उपलब्ध है। विभाग का लक्ष्य इस बीमारी की शीघ्र पहचान, सही जोखिम मूल्यांकन और आधुनिक उपचार के माध्यम से मरीजों की मृत्यु दर को कम करना है।

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