चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

लखनऊ, 19 जुलाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती कुछ महीनों में ही इस योजना के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। रिकॉर्ड संख्या में आवेदन मिलने के साथ अब तक 14,717 पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।

 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। पात्र पाए गए 14,717 लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 29.43 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के चलते लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है।

 

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.05 लाख पात्र लाभार्थियों को शादी अनुदान योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती महीनों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि योजना के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक चुनौतियों को कम करना है।

 

योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। इसके अलावा विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

 

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है, ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहले पहुंच सके।

 

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि शादी अनुदान योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहायता साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ ही महीनों में 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त होना योजना की लोकप्रियता और लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। विभाग लगातार पात्र आवेदनों का सत्यापन कर लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि भेज रहा है।

 

प्रदेश सरकार का कहना है कि पिछड़े वर्ग के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।

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