
झांसी, 21 जून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का माध्यम है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने का संदेश दिया है। योग इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने में सहायक है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और लोग इसके लाभों को समझ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर व्यक्ति को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्षम बनाता है। चाहे छात्र हो, किसान, श्रमिक या वैज्ञानिक, हर क्षेत्र में सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यक है। योग इस दिशा में एक प्रभावी साधन है।
उन्होंने कहा कि शरीर और मन के स्वस्थ रहने से व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ती है और समाज व राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान मिलता है। योग नियमित रूप से करने से रोगों के जोखिम कम होते हैं और व्यक्ति लंबे समय तक सक्रिय एवं ऊर्जावान बना रहता है।
मुख्यमंत्री ने योग की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत आदियोगी भगवान शिव से मानी जाती है। उन्होंने लोगों से योग को अपनाकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में आयुष विभाग की ई-पत्रिका का विमोचन भी किया गया। प्रदेशभर में ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, विकासखंडों और तहसीलों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने झांसी की धरती से प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो सके।






