
नीरज द्विवेदी। लखनऊ, 29 जून। डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर फार्मासिस्ट संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी पदनाम और वेतनमान में संशोधन लागू किए जाने की मांग उठाई।
एसोसिएशन का कहना है कि भारत सरकार ने 10 जून 2026 को जारी राजपत्र में फार्मासिस्ट संवर्ग से जुड़े पदनाम और वेतनमान में बदलाव किए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि यदि यह व्यवस्था राज्यों पर भी लागू होती है, तो उत्तर प्रदेश में इसे शीघ्र प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि राज्य के फार्मासिस्टों को भी समान लाभ मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री प्रदुम्न सिंह, प्रदेश प्रवक्ता एवं लखनऊ जिला अध्यक्ष राजीव कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रवण चौधरी और जिला मंत्री अजय कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक के दौरान फार्मासिस्टों की सेवा शर्तों, पदनाम और वेतनमान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
एसोसिएशन के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद संबंधित अधिकारियों को मामले का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश या शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और शासनादेश जारी होता है, तो प्रदेश के फार्मासिस्टों के पदनाम एवं वेतनमान में बदलाव का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाना शेष है।






