लखनऊ, 11 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट (B&B) एवं होम स्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत अब भवन स्वामी पहले के मुकाबले अधिक कमरे पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे।
8 कमरे और 16 शैय्या की सीमा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधन के बाद आवासीय भवन के न्यूनतम 1 और अधिकतम 8 कमरे, यानी अधिकतम 16 शैय्या पर्यटकों को किराए पर देने की अनुमति होगी। पहले यह सीमा अधिकतम 6 कमरे और 12 शैय्या थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी व्यवस्था
सरकार के मुताबिक यह नीति उत्तर प्रदेश के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में लागू होगी। नगर निगम की सीमा से बाहर आने वाली इकाइयां इस श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगी। इसका उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश में ठहरने, स्थानीय भोजन और ग्रामीण जीवन का अनुभव उपलब्ध कराना है।
जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य
रूरल होम-स्टे में पर्यटकों के लिए स्नानागार, शौचालय, जल एवं विद्युत आपूर्ति और सामान्य फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। आवेदन प्रक्रिया में पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार स्व-प्रमाणन की व्यवस्था भी रखी गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि SOP में किए गए इस संशोधन से अधिक संख्या में भवन स्वामी B&B और होम-स्टे व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ भवन स्वामियों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया तैयार होगा और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।






