IMG-20260617-WA0101

अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में सरकार, प्रदेशभर में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की यह घटना बताती है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की शुरुआत जागरूकता से हो। लोगों और संस्थानों को पहले सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जाए तथा आवश्यक सुधार का अवसर दिया जाए। इसके बाद नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक सख्ती या उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

 

बैठक में भवनों के उपयोग को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानकों के विपरीत किसी भवन का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों तथा बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, कार्यालय या अन्य व्यवसायिक संचालन पर रोक सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग, एम्बुलेंस सेवाओं और अन्य राहत एजेंसियों का रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

 

साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच को प्राथमिकता देने, विद्युत सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और अग्निशमन विभाग को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की रक्षा का दायित्व भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *