
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भवन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड चर्चा में हैं। जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, यह आदेश दो माह से भी कम समय में निरस्त कर दिया गया था।
यह भवन वर्ष 1980 में अलीगंज योजना के तहत आवंटित किया गया था। बाद में स्वामित्व परिवर्तन और नामांतरण की प्रक्रियाओं के बाद वर्ष 2014 में भवन का मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया।
इसके बाद भवन में अनधिकृत निर्माण की शिकायत सामने आई, जिस पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। जांच के उपरांत 10 मई 2016 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया, लेकिन 5 जुलाई 2016 को इसे निरस्त कर दिया गया।
अलीगंज अग्निकांड के बाद अब यह सवाल उठ रहे हैं कि जिस भवन के खिलाफ कभी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी, उसका आदेश आखिर किन परिस्थितियों में वापस लिया गया। मामले की जांच के साथ-साथ पुराने प्रशासनिक निर्णय भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।






