
लखनऊ, 2 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने मानसिक दिव्यांग एवं निराश्रित लोगों के लिए एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण पोषण के लिए प्रति व्यक्ति मासिक अनुदान 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संवासी पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। इसलिए उन्हें पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर लगाए जाएं और जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग व अन्य आवश्यक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान कर कॉक्लियर इम्प्लांट और उसके बाद पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
उन्होंने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। निर्देश दिए गए कि नियमित भर्ती पूरी होने तक भी दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने पाए।
बैठक में विभाग ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए हैं। वहीं 34 हजार से अधिक लाभार्थियों को 43 हजार से ज्यादा सहायक उपकरण वितरित किए गए। 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया, जबकि 335 नए बच्चों की पहचान की जा चुकी है।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2017 के मुकाबले बचपन डे-केयर सेंटर और विशेष विद्यालयों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे अधिक दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।






