
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) पिछले नौ वर्षों में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित कर पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा है। इस निवेश से 40 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक के अनुसार, वर्तमान में गीडा क्षेत्र के उद्योगों में 50 हजार से अधिक लोग कार्यरत हैं। अडानी सीमेंट जैसे बड़े प्रोजेक्ट में करीब 70 प्रतिशत कार्यबल गोरखपुर मंडल और पूर्वांचल के अन्य क्षेत्रों से है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
2,000 एकड़ की नई औद्योगिक टाउनशिप
करीब 3,600 एकड़ का मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र लगभग भर चुका है। बढ़ती निवेश मांग को देखते हुए गीडा ने 2,000 एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया है। इसे धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बीच रणनीतिक स्थिति इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। नई टाउनशिप में निवेशकों की रुचि भी सामने आने लगी है। अडानी और श्रेयस डिस्टिलरीज को 115 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।
बड़ी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी
गीडा में कोका-कोला, पेप्सिको, गैलेंट ग्रुप, आईजीएल, अपोलो एपीआई स्टील ट्यूब्स और तत्व पॉलीप्लास्टिक जैसी कंपनियां औद्योगिक गतिविधियों को गति दे रही हैं। इससे गोरखपुर में एक मजबूत और विविध औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।
डिजिटल सुविधाओं से आसान हुआ निवेश
निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए गीडा डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत कर रहा है। निवेश मित्र 3.0 पर 21 ऑनलाइन सेवाएं, वन मैप पोर्टल के जरिए भूखंडों की लाइव जानकारी और ई-नीलामी की सुविधा उपलब्ध है। इन्वेस्ट यूपी के उद्यमी मित्र निवेशकों के लिए सिंगल-पॉइंट फैसिलिटेशन की भूमिका निभा रहे हैं।
मजबूत कनेक्टिविटी, बड़े औद्योगिक निवेश, पर्याप्त भूमि और डिजिटल सुविधाओं के दम पर गीडा अब पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन बनता दिखाई दे रहा है। यह विस्तार उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में पूर्वांचल की बढ़ती औद्योगिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।






