
लखनऊ, 22 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग ने राज्य के 112 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BSAI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य देश के प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों की श्रेष्ठ शैक्षणिक और छात्रावास प्रबंधन प्रणाली को सर्वोदय विद्यालयों में लागू करना है, ताकि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
समझौते पर हस्ताक्षर गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव और निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह की उपस्थिति में हुए। इस अवसर पर बीएसएआई के डायरेक्टर विनय पांडेय और सीईओ सपना सुकुल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इसे प्रदेश की आवासीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सर्वोदय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों जैसी शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आधुनिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उनके अनुसार यह साझेदारी विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को नई कार्यप्रणालियों से सीखने तथा शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर देगी।
एमओयू के तहत सर्वोदय विद्यालयों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रावास प्रबंधन, छात्र देखभाल, अनुशासन, नेतृत्व विकास, जीवन कौशल और तकनीक आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। देश के अग्रणी बोर्डिंग स्कूलों में अपनाई जा रही सफल व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश के विद्यालयों में लागू किया जाएगा, जिससे छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
इस पहल के तहत सर्वोदय विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षकों की टीम बीएसएआई से जुड़े प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण करेगी। वहां की शिक्षण प्रणाली, हॉस्टल संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र विकास मॉडल का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी, जिसे प्रदेश के सभी 112 सर्वोदय विद्यालयों में लागू किया जाएगा। इससे सभी विद्यालयों में शिक्षा और प्रबंधन का एक समान उच्च गुणवत्ता वाला मॉडल विकसित होगा।
प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने इसे सर्वोदय विद्यालयों के लिए नई शुरुआत बताते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को देश के अग्रणी आवासीय विद्यालयों की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं का लाभ मिलेगा। वहीं बीएसएआई की सीईओ सपना सुकुल ने कहा कि किसी राज्य सरकार के साथ बीएसएआई का यह पहला एमओयू है और उन्हें विश्वास है कि यह साझेदारी सर्वोदय विद्यालयों में सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव लाएगी।
गौरतलब है कि बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BSAI) देश के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों का राष्ट्रीय संगठन है। इसके सदस्य संस्थानों में द दून स्कूल, मेयो कॉलेज, द लॉरेंस स्कूल (सनावर), वेल्हम बॉयज स्कूल, वेल्हम गर्ल्स स्कूल और द सिंधिया स्कूल जैसे अग्रणी संस्थान शामिल हैं। इन विद्यालयों के अनुभव और श्रेष्ठ व्यवस्थाओं का लाभ अब उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी मिलेगा, जिससे प्रदेश की आवासीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है।






