
लखनऊ: नकली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का लखनऊ पुलिस ने किया खुलासा, भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साज़िश को पुलिस ने किया नाकाम। मड़ियांव थाना क्षेत्र में 13.95 लाख की 500 व 100 के नोटो की नकली करेंसी के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार।
गिरफ्त में आए तीनों आरोपी आजमगढ़ के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान आलोक सिंह, सोनू गौड़ और बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने बताया कि आजमगढ़ निवासी गैंग का सरगना मंजीत और उसका साथी संतोष है जो अभी फरार है। मंजीत ने ही नकली नोटों की खेप लखनऊ में एक व्यक्ति को देने की बात कही थी। मंगलवार को तीनों रुपये लेकर लखनऊ पहुंचे और घैला पुल, प्रधान मैरिज लान के पास रुपये देने के लिए अज्ञात व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे। गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पुलिस पता कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
आरोपी सोनू की आजमगढ़ में चाय की दुकान है, आलोक और बृजेश एक निजी कंपनी में काम कर बैंक में लोन दिलवाने का काम करते हैं।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि मड़ियांव पुलिस ने ऐसे गिरोह का राजफाश किया है जो एक असली नोट के बदले तीन नकली नोट का सौदा करते थे। मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा एक टीम लेकर घैला पुल, प्रधान मैरिज लान के पास घटनास्थल पर पहुंचे और घेराबंदी कर आरोपितों को पकड़ने में कामयाब हुए।






