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राजधानी लखनऊ में बीकेटी महिला थाने की एक महिला दरोगा ₹1.64 लाख की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं। जालसाजों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्काल IT एक्ट की धारा के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना 4 जून 2026 की है।

साइबर फ्रॉड का एक हैरान करने वाला मामला लखनऊ के बख्शी का तालाब महिला थाने में तैनात एक महिला दरोगा के साथ ₹1.64 लाख का है। जालसाजों ने एक नकली अपडेट के बहाने 4 जून 2026 को दोपहर करीब 1:45 बजे दरोगा का मोबाइल हैक किया, इसके बाद दो अलग-अलग बैंक खातों में से बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ₹99,000, भारतीय स्टेट बैंक के खाते से ₹65,000 कुल ₹1.64 लाख निकाल लिए। महिला दरोगा का मोबाइल फोन 4 जून को अचानक अपने आप ‘ऑटो-अपडेट’ मोड पर चला गया, जो लगभग एक घंटे तक चला। अपडेट पूरा होने के बाद फोन अपडेट होने की जगह पूरी तरह से फॉर्मेट (साफ) हो चुका था। और बैंक खातों से पैसे गायब हो चुके थे। धोखाधड़ी की जानकारी होते ही पीड़िता महिला दरोगा ने तुरंत साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

साइबर अपराधियों ने गूगल पे के जरिए इन पैसों को दो अलग-अलग खातों में भेजा था। जानकारी करने पर पता चला कि शुभम भर्तियां के बैंक खाते में ₹99,000 ट्रांसफर किए गए वह मुन्डेरा गाव गयासुद्दीनपुर धुमनगंज प्रयागराज का रहने वाला है, उसने वृन्दावन में एक्सिस बैंक में चेक के माध्यम से 2.43 PM पर पैसा निकाला, और आकाश कुमार के बैंक खाते में ₹65,000 भेजे गए। इसके बाद उन्होंने दोनों खाता फ्रिज करा दिया।

पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तत्काल FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी शुभम और आकाश के खिलाफ बक्शी की तालाब थाने में सूचना प्रोधौगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही मामले की जांच इंस्पेक्टर कैलाश चंद्र दुबे को सौंपी गई है।

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