
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के पवित्र सरयू नदी तट पर स्थित भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में एक और ऐतिहासिक पहल की गई है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित “मां सीता रसोई”, जहां श्री रामलला के लिए भोग प्रसाद तैयार किया जाता है, अब पूरी तरह एलपीजी मुक्त हो गई है। यहां ग्रीन गैस लिमिटेड द्वारा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से कनेक्शन प्रदान किया गया है।
गौरतलब है कि सदियों की आस्था, संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2020 में श्री राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था तथा 22 जनवरी 2024 को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। इसके बाद मंदिर परिसर में आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
PNG सेवा के शुभारंभ अवसर पर ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री गिरिजा शंकर एवं निदेशक (कॉमर्शियल) श्री राजकिशोर बेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्री गोपाल जी, श्री जगन्नाथ जी सहित अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
ग्रीन गैस लिमिटेड के डीजीएम प्रवीण कुमार ने कहा, हमारी टीम ने क्षेत्र का सर्वेक्षण कर पाइपलाइन का मार्ग निर्धारित कर लिया है। अन्य विभागों के समन्वय से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। पाइपलाइन बिछने के बाद सैकड़ों छोटे आश्रम और निजी रसोईघर भी इस PNG लाइन से जुड़ सकेंगे।
इसके साथ ही ग्रीन गैस लिमिटेड की टीम से जितेंद्र द्विवेदी, श्री दीपक कुमार, हिमांशु पांडेय एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
ग्रीन गैस लिमिटेड ने इस उपलब्धि के लिए श्री राम मंदिर ट्रस्ट, एल एंड टी, टीसीई तथा स्थानीय प्रशासन का सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। कंपनी ने इसे स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।






