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गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आगामी 16 मई को बेलीपार थाना क्षेत्र के भौवापार क्षेत्र में स्थित तालनदोर में जनपद के पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन व शिलान्यास करेंगे. गोरखपुर – वाराणसी राजमार्ग पर स्थित तालनदोर में इस इंटरनेशनल स्टेडियम की लागत 392.94 करोड़ रुपये की आएगी. स्टेडियम निर्माण के लिए पहली किस्त 63.39 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और स्टेडियम बनाने के लिए एलाइनमेंट, मिट्टी भराई, लेवलिंग और बड़े निर्माण उपकरणों को लगाने का काम शुरू भी हो चुका है.

गोरखपुर की पावन धरा का दक्षिणी छोर, जो कभी अपनी प्राकृतिक संपदा और तालनदोर ताल की लहरों के लिए पहचाना जाता था, अब विश्व क्रिकेट के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार है. यह आयोजन न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है, बल्कि इस अंचल की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पहचान देने का संकल्प भी है. पौराणिक वैभव से आधुनिक गौरव के ​इतिहास को समेटे तालनदोर मात्र एक जलस्रोत नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की जीवनरेखा रहा है. स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, यह ताल सदियों से इस तराई क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षक रहा है. प्राचीन काल में यह क्षेत्र अपनी सघन हरियाली और जलीय विस्तार के लिए जाना जाता था.

गोरखपुर में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनेगा. कुल 30 हजार दर्शक क्षमता का यह स्टेडियम ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के हिसाब से बनेगा. इसके ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होगी. स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे. नार्थ पैवेलियन मीडिया और साउथ पैवेलियन विशिष्टजन के लिए होगा. रात्रिकालीन मैच भी हो सकें, इसके लिए मेन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानक के चार हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था रहेगी. यहां क्रिकेट के अलावा अन्य बड़े आयोजन भी होंगे.

​ ​शिलान्यास समारोह की भव्यता को देखते हुए प्रशासनिक सक्रियता चरम पर है. आज जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों और गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. अधिकारियों ने निर्देश दिए कि शिलान्यास स्थल तक आने वाले मार्गों और जनसभा स्थल को ‘जीरो डिफेक्ट’ मोड पर तैयार किया जाए.​ ​जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि तालनदोर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बन जाने से गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर बहुआयामी विकास का एक नया मॉडल दिखेगा। यहां पहले से ही पशु चिकित्सा, महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का भी निर्माण हो रहा है.

गोरखपुर में स्टेडियम के निर्माण से भौवापार क्षेत्र का कायाकल्प होना तय है. यहाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होने से ​युवा प्रतिभाएं और पूर्वांचल के क्रिकेटरों को अभ्यास के लिए महानगरों की दौड़ नहीं लगानी होगी. साथ ही होटल, पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को व्यापक रोजगार मिलेगा. खेल पर्यटन के कारण भौवापार क्षेत्र की भूमि और संपत्तियों के मान में अभूतपूर्व वृद्धि होगी.

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