
गोरखपुर, 22 जुलाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर की बहुप्रतीक्षित 495 करोड़ रुपये की गोड़धोइया नाला पुनरोद्धार परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने फातिमा हॉस्पिटल और जेल बाईपास के पास निर्माण कार्यों का जायजा लेने के बाद जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर फर्जी इंदराज कराकर लोगों को ठगा, जबकि भाजपा सरकार ने परियोजना शुरू होने पर प्रभावित लोगों को सम्मानजनक मुआवजा दिया।
सीएम योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना केवल एक ड्रेनेज योजना नहीं, बल्कि गोरखपुर के भविष्य को सुरक्षित करने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल है। उन्होंने बताया कि पहले बारिश के दौरान उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड जलभराव की समस्या से जूझते थे, लेकिन अब इस परियोजना के कारण हाल ही में हुई करीब 15 घंटे की मूसलाधार बारिश के बावजूद इन इलाकों में पानी नहीं भरा। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख नालों का पुनरोद्धार पूरा होने के बाद शहर में कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री ने परियोजना की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 9.5 किलोमीटर लंबे और 10 मीटर चौड़े गोड़धोइया नाले के साथ 18 किलोमीटर सीवर लाइन, 36 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, 61 एमएलडी मास्टर पंप स्टेशन और 14 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में नाले के दोनों किनारों पर सड़क, रेलिंग, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और हरित पट्टी विकसित की जाएगी ताकि यह क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक बन सके।

सीएम योगी ने लोगों से नाले में कूड़ा और गंदगी न डालने की अपील करते हुए कहा कि यदि नागरिक सहयोग करेंगे तो यह परियोजना अगले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर को जलभराव से बचाने में सक्षम रहेगी। उन्होंने कहा कि बारिश का पानी इस नाले के जरिए रामगढ़ताल, तरकुलानी और अंततः राप्ती नदी तक पहुंचेगा। यदि नाले पर अतिक्रमण या कूड़ा डाला गया तो फिर जलभराव, बदबू और बीमारियों की समस्या लौट सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की लगभग तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में फोरलेन सड़कों के निर्माण से न केवल यातायात बेहतर हुआ है बल्कि लोगों की संपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं, जिसके चलते गोरखपुर तेजी से विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।
जनसभा के दौरान अचानक बारिश शुरू होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाहर खड़े लोगों की चिंता करते हुए उन्हें तुरंत जर्मन हैंगर पंडाल के अंदर बुलाने के निर्देश दिए। उनकी इस आत्मीयता पर मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर का अभूतपूर्व विकास हुआ है और विकास कार्यों के सामने विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोड़धोइया नाला परियोजना को मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह योजना आने वाले वर्षों में गोरखपुर को स्थायी रूप से जलभराव की समस्या से राहत दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।






