बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह 

लखनऊ, 2जून। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा और पोषण को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना केवल मध्याह्न भोजन कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य और कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध कराए जा रहे पौष्टिक भोजन से बच्चों की सीखने की क्षमता, एकाग्रता और विद्यालयों में उपस्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।

संदीप सिंह ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चों पर आधारित है। इसी उद्देश्य के साथ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण और पोषणयुक्त भोजन प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पोषण सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है और प्रदेश सरकार इस दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत प्राथमिक स्तर के बच्चों को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पोषण मानक बच्चों के शारीरिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक एकाग्रता तथा शैक्षणिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

योगी सरकार बच्चों के भोजन को अधिक संतुलित एवं पोषणयुक्त बनाने के लिए सप्ताह के विभिन्न दिनों में दाल, हरी सब्जियां, सोयाबीन युक्त व्यंजन, दूध एवं मौसमी फल उपलब्ध करा रही है। इससे बच्चों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, आयरन एवं अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व नियमित रूप से प्राप्त हो रहे हैं। यह व्यवस्था बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके समग्र विकास को भी गति प्रदान कर रही है।

संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी नागरिक के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बेहतर पोषण से बच्चों के स्वास्थ्य, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। शिक्षा और पोषण को एक साथ जोड़कर सरकार कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

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