
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध, पानी का पानी” हो जाएगा।
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पक्ष को ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए जिससे करोड़ों रामभक्तों, श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाओं झलकारी बाई, रानी लक्ष्मीबाई, अवंतीबाई और ऊदा देवी को याद किया तथा कहा कि सरकार उनके सम्मान में कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ पीएसी बटालियनों का नाम इन वीरांगनाओं पर रखा गया है और उनमें महिलाओं की भर्ती को प्राथमिकता दी गई है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों की बात कर रहे हैं, उनके पिछले कार्यों को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
इसके अलावा सीएम योगी ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों के लिए आवास, शौचालय और राशन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल, राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच अब एसआईटी के हाथों में है और सभी की नजरें आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है।






