
डालीबाग आवास योजना विवाद: चाबी मिलने के बाद नोटिस से बढ़ी आवंटियों की चिंता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ की डालीबाग स्थित सरदार पटेल आवासीय योजना एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। जिन फ्लैटों का आवंटन होने के बाद लाभार्थियों को चाबियां सौंपी जा चुकी हैं, अब उन्हीं फ्लैटों को लेकर सिंचाई विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने से आवंटियों में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, योजना के तहत 72 फ्लैटों का निर्माण कराया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया था, जिसके बाद पात्र आवेदकों को फ्लैट आवंटित किए गए। आवंटियों ने अपनी वर्षों की बचत और मेहनत की कमाई लगाकर घर का सपना पूरा किया।

हालांकि, हाल ही में सिंचाई विभाग की ओर से जारी नोटिस में भूमि को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। विभाग का कहना है कि परियोजना का कुछ हिस्सा उसकी सीमा से संबंधित क्षेत्र में आता है। नोटिस जारी होने के बाद अब आवंटियों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो निर्माण कार्य शुरू होने से पहले उसकी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई? नक्शा स्वीकृत होने, निर्माण पूरा होने और आवंटन प्रक्रिया संपन्न होने तक किसी स्तर पर आपत्ति क्यों नहीं दर्ज हुई?
सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों की है जो वैध प्रक्रिया के तहत फ्लैट प्राप्त कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सरकारी एजेंसी पर भरोसा कर निवेश किया और अब विवाद की स्थिति में वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की कमी के कारण इस तरह की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। समय रहते विभागीय स्तर पर सभी अभिलेखों और सीमाओं का सत्यापन किया जाए तो भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सकता है।
फिलहाल आवंटी और स्थानीय लोग इस मामले में प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकालते हैं और प्रभावित लोगों को क्या राहत मिलती है।






